नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- Aaj Ka Vichar: आचार्य चाणक्य एक महान विद्वान थे। उनकी नीतियां केवल उस समय के लिए नहीं थीं, बल्कि आज के जीवन में भी उतनी ही सार्थक हैं। चाणक्य यह बताते हैं कि जीवन में संतुलन सबसे जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति हर समय सिर्फ अच्छा बनने की कोशिश करता है और अपनी सीमाओं का ध्यान नहीं रखता, तो लोग उसका फायदा उठा सकते हैं। इसलिए अच्छाई जरूरी है, लेकिन उतनी ही जितनी सही हो। आज हमने चाणक्य नीति के कुछ श्लोक चुने हैं, जो एक ऐसा जीवन मंत्र है जिसे हमेशा याद रखना चाहिए और अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। यह भी पढ़ें- चाणक्य नीति: जीवन में अपनाएं ये 9 अच्छी आदतें, कभी नहीं होगी धन-दौलत की कमीश्लोक 1 अतिरुपेणवैसीताअतिगर्वेणरावणः।अतिदानाद्वलिर्वद्धोह्यतिसर्वत्र वर्जयेत्॥ अर्थ- आचार्य चाणक्य इस श्लोक में कहते हैं कि सीता जी कीअत्यधिक सुंद...
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