नई दिल्ली, जुलाई 20 -- दोस्ती जीवन का सबसे खूबसूरत रिश्ता माना जाता है, लेकिन हर दोस्त सच्चा नहीं होता है। आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में ऐसे लोगों से सावधान रहने की बात करते हैं, जो बाहर से मीठे बोलते हैं, लेकिन भीतर से स्वार्थ या ईर्ष्या रखते हैं। उन्होंने कहा है कि गलत मित्र का साथ कई बार खुले दुश्मन से भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए दोस्ती सोच-समझकर करनी चाहिए।चाणक्य नीति में मित्रता का महत्व चाणक्य कहते हैं कि मित्र वह है जो मुश्किल समय में साथ दे, सही सलाह दे और कभी अहित ना चाहे। उन्होंने मित्र को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया है। लेकिन वे यह भी चेतावनी देते हैं कि हर मुस्कुराहट के पीछे सच्चाई नहीं होती है। कई लोग केवल अपना काम निकलवाने के लिए दोस्ती निभाते हैं। इसलिए चाणक्य हमें सिखाते हैं कि मित्र चुनते समय भावनाओं के साथ ...