नई दिल्ली, जून 1 -- 1 जून 2026 - आज का दिन हमें याद दिलाता है कि सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि सही व्यवहार और समझदारी का परिणाम है। जो लोग अपनी हर स्थिति में संतुलन बनाए रखते हैं, वही जीवन में आगे बढ़ते हैं। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के 12वें अध्याय के तीसरे श्लोक में सफल इंसान की खासियतें बताई हैं:दाक्षिण्यं स्वजने दया परजने शाठ्यं सदा दुर्जने।प्रीतिः साधुजने स्मय खलजने विद्वज्जने चार्जवम्।शौर्यं शत्रुजने क्षमा गुरुजने नारीजने धूर्तताः।इत्थं ये पुरुषा कलासु कुशलास्तेष्वेव लोकस्थितिः।। अर्थ: अपने लोगों के साथ नम्रता, परायों पर दया, दुष्टों के साथ सख्ती, सज्जनों से प्रेम, दुष्टों पर तिरस्कार, विद्वानों के साथ सरलता, शत्रुओं के साथ बहादुरी, गुरुजनों के साथ क्षमा और स्त्रियों के साथ चतुराई रखने वाले व्यक्ति ही जीवन में सफल होते हैं। ऐसे लोग...