नई दिल्ली, मार्च 21 -- डर एक सामान्य भावना है, जो हर इंसान कभी ना कभी महसूस करता है। यह हमारे मन में तब पैदा होता है, जब हमें किसी नुकसान, असफलता या अनजान स्थिति का खतरा महसूस होता है। थोड़ा सा डर हमें सतर्क और सुरक्षित रखता है, लेकिन ज्यादा डर हमारे आत्मविश्वास को कमजोर कर देता है और हमें आगे बढ़ने से रोकता है। इसलिए डर को समझना और उसे सही तरीके से संभालना बहुत जरूरी है। ऐसे में भगवद गीता के श्लोक सिखाते हैं कि डर को कैसे दूर किया जाए। श्रीकृष्ण की ये सीख मन को मजबूत बनाकर जीवन में साहस भरती हैं।गीता क्या सिखाती है? Bhagavad Gita में भगवान कृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि डर को कैसे हराया जा सकता है। गीता के श्लोक हमें सिखाते हैं कि डर को दूर करने के लिए मन को मजबूत बनाना जरूरी है। यह भी पढ़ें- Quote of the Day: लीडर बनना है तो अपनाएं गीता क...
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