नई दिल्ली, मई 22 -- सुख की राह हमेशा बाहर नहीं, बल्कि अपने मन के अंदर छिपी होती है। 22 मई 2026 की शाम का सुविचार हमें याद दिलाता है कि जो व्यक्ति अपनी आदतों को संवार लेता है, वही सच्ची शांति पा लेता है। महाभारत काल के महान विद्वान और बुद्धिजीवी विदुर जी की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी हजारों साल पहले थीं। वे कहते हैं कि जीवन में सुख-शांति तभी आती है, जब हम कुछ गलत आदतों को जानबूझकर छोड़ दें। ये आदतें हमें अंदर से खोखला कर देती हैं और खुशी को दूर भगा देती हैं। विदुर नीति के अनुसार, 4 गलत आदतें इंसान को बार-बार दुख देती हैं।ईर्ष्या और घृणा सबसे बड़ा जहर विदुर जी ईर्ष्या को मन का सबसे बड़ा जहर मानते थे। जब कोई व्यक्ति दूसरों की सफलता, संपत्ति या खुशी देखकर जलने लगता है, तो उसका अपना आत्मविश्वास धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। घृणा...