नई दिल्ली, जुलाई 7 -- हर दिन हमारे जीवन में कई छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं। कभी किसी की बात बुरी लग जाती है, कभी काम का बोझ परेशान कर देता है, तो कभी कोई छोटी असफलता पूरे दिन का मूड खराब कर देती है। धीरे-धीरे हम अपनी खुशी और दुख को दूसरों के व्यवहार या बाहरी परिस्थितियों से जोड़ने लगते हैं। लेकिन सद्गुरु कहते हैं कि अगर हम खुद को दुखी होने से इनकार कर दें, तो कोई भी हमें अंदर से परेशान नहीं कर सकता है।बाहरी दुनिया पर निर्भर ना रहें सद्गुरु कहते हैं कि सुख-दुख की असली वजह बाहर की चीजें नहीं, बल्कि हमारी अपनी प्रतिक्रिया होती है। जीवन में अच्छी-बुरी घटनाएं तो आती ही रहेंगी, उन्हें रोकना हमारे बस में नहीं है। लेकिन किसी घटना को लेकर हम कैसा महसूस करें, यह फैसला हम खुद कर सकते हैं। अगर हम हर छोटी बात को दिल पर लेते रहेंगे, तो मन कभी शांत न...