नई दिल्ली, मार्च 17 -- 17 मार्च 2026, आज के दिन हम आचार्य चाणक्य के गहन जीवन-दर्शन से सीख लेंगे। चाणक्य नीति में लिखा है कि जो व्यक्ति आपके घर में प्रवेश कर आपके मन में संदेह, द्वेष या अशांति पैदा करे, उसे कभी भी अपने द्वार से अंदर ना आने दें। आज का सुविचार यही है कि घर वह पवित्र स्थान है, जहां केवल सकारात्मक ऊर्जा, विश्वास और प्रेम का वास होना चाहिए। स्वार्थ, छल और नकारात्मकता फैलाने वाले लोगों को घर में प्रवेश देने से जीवन में बर्बादी, कलह और आर्थिक हानि का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार, उन 4 प्रकार के लोगों को घर में कभी नहीं बुलाना चाहिए।स्वार्थी और मतलबी लोग आचार्य चाणक्य कहते हैं कि 'मतलबी व्यक्ति मित्र नहीं, शत्रु होता है।' ऐसे लोग आपके सामने मुस्कुराते हैं, आपकी मदद का दिखावा करते हैं, लेकिन उनका एकमात्र ...