नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- Aaj Ka Vichar: आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। उन्हें आज के समय में भी एक महान दार्शनिक, कुशल कूटनीतिज्ञ, प्रभावशाली राजनीतिज्ञ और प्रख्यात अर्थशास्त्री के रूप में याद किया जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने जीवन के लगभग हर पहलू का गहन विश्लेषण किया है। अपने एक श्लोक के माध्यम से उन्होंने यह भी बताया है कि किन लोगों के प्रति आवश्यकता से अधिक लगाव रखना व्यक्ति के आत्मसम्मान को आहत कर सकता है। ऐसे ही आज हमने चाणक्य नीति के कुछ श्लोक चुने हैं, जो एक ऐसा जीवन मंत्र है जिसे हमेशा याद रखना चाहिए और अपने व्यवहार में उतारना चाहिए। यह भी पढ़ें- Quote Of The Day: बहुत ज्यादा सुंदरता, घमंड और दान बनते हैं विनाश की वजहश्लोक 1 निर्धनं पुरुषं वेश्या प्रजा भग्नं नृपं त्यजेत्।खगा वीतफलं वृक्षं भुक्त्वा चाभ्यागता...
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