नई दिल्ली, जून 10 -- Quote of the day 10 June 2026, Chakanya niti: आचार्य चाणक्य एक महान राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ थे। उन्होंने अपनी नीति में बताया है कि सच्चे मित्र या बंधु की परख किस तरह कर सकते है। आचार्य चाणक्य ने एक श्लोक के जरिए बताया है कि सुख के समय सभी साथ रहते हैं, लेकिन छह विकट परिस्थितियों में जो साथ नहीं छोड़ता, वही जीवन का सच्चा रक्षक और बंधु ( हितैषी) होता है। आप भी जानें चाणक्य नीति के अनुसार सच्चे मित्र की पहचान कैसे करें।श्लोक- आतुरे व्यसने प्राप्ते दुर्भिक्षे शत्रुसंकटे। राजद्वारे श्मशाने च यस्तिष्ठति स बान्धवः॥श्लोक का अर्थ: चाणक्य नीति में वर्णित इस श्लोक का अर्थ है किसी बीमारी या रोग से पीड़ित होने पर, दुख आने पर, अकाल पड़ने पर, शत्रु की ओर से संकट आने पर, श्मशान या किसी मृत्यु के समान समय में जो व्यक्ति साथ नहीं छोड़...