नई दिल्ली, जुलाई 18 -- 18 जुलाई 2026 की सुबह सकारात्मक ऊर्जा लेकर आई है। आज का दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए सिर्फ मेहनत ही काफी नहीं, बल्कि समझदारी और संयम भी बहुत जरूरी है। आचार्य चाणक्य की नीति आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी हजारों साल पहले थी। अगर हम उनकी बताई कुछ सरल बातों को अपने जीवन में अपनाकर चलें, तो सम्मान, धन और स्थिरता दोनों हाथ लग सकती है।चाणक्य नीति का महत्वपूर्ण श्लोक आचार्य चाणक्य नीति शास्त्र में कहते हैं:आपदर्थे धनं रक्षेद् दारान् रक्षेद् धनैरपि।आत्मानं सततं रक्षेद् दारैरपि धनैरपि॥ इसका अर्थ है कि आपत्ति के समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए, धन से परिवार की रक्षा करनी चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण अपने आपकी रक्षा परिवार और धन से भी करनी चाहिए।अपनी कमजोरियां हर किसी को ना बताएं चाणक्य कहते हैं कि हर ...