नई दिल्ली, मई 18 -- Jyeshtha Purnima May 2026 Date: ज्योतिष शास्त्र में अधिक मास या पुरुषोत्तम मास की पूर्णिमा तिथि का खास महत्व है। पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी के साथ चंद्रदेव की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान व दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देना भी माना जाता है। स्कन्दपुराण, पद्मपुराण व भविष्यपुराण समेत धर्म ग्रन्थों में अधिक मास की पूर्णिमा को सर्व सिद्धिदायिनी पूर्णिमा बताया गया है। पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करना भी फलदायी माना गया है। जानें ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा कब है और स्नान-दान क्या है उत्तम समय। ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 2026 कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा तिथि 30 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 57 म...