पूर्णिया, जुलाई 25 -- Purnia News: जलालगढ़, एक संवाददाता। वर्ष 2017 की विनाशकारी बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ जलालगढ़ प्रखंड का दादरघाट पुल नौ वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से हजारों ग्रामीणों को आज भी जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करनी पड़ रही है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। दादरघाट पुल जलालगढ़ प्रखंड मुख्यालय को पूरब क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के साथ-साथ अररिया और किशनगंज जिले से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग था। पुल टूटने के बाद लोगों को करीब 12 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, मजदूरों, छात्रों, मरीजों, सब्जी विक्रेताओं और छोटे व्यवसायियों पर पड़ रहा है। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से कोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अब नदी पार ...