पूर्णिया, अगस्त 10 -- Purnia News: बैसा, एक संवाददाता। पूर्णिया जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर बैसा प्रखंड के रौटा पुरानी हाट स्थित गौरीशंाकर मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। वर्ष 1905 में स्थानीय हरिहर भगत के परिजनों द्वारा स्थापित इस मंदिर की पहचान आज केवल रौटा और बैसा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांचल के पुराने शिव मंदिरों में भी इसकी विशेष पहचान बनी हुई है। अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित इस मंदिर में सालभर धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, लेकिन सावन के महीने में यहाँ का नजारा विशेष हो जाता है। मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार सावन शुरू होने से करीब एक माह पहले ही मंदिर में तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को सुबह से देर शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। रौटा पुरानी हाट, गांधी नगर, ...