पूर्णिया, जुलाई 7 -- Purnia News: कसबा, एक संवाददाता। क्षेत्र में इन दिनों गाय एवं भैंसों में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के कुछ मामले सामने आने लगे हैं। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से सतर्क रहने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार और उचित सावधानी बरतने से बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कसबा एवं गढ़बनैली के भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ. तौकीर आलम ने बताया कि लम्पी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है। इस बीमारी की शुरुआत वर्ष 1929 में अफ्रीका में दर्ज की गई थी और अब यह कई देशों में फैल चुकी है। उन्होंने बताया कि बीमारी की चपेट में आने पर पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ जाता है...