प्रयागराज, जुलाई 30 -- Prayagraj News: सरकारी योजनाओं में काम करने वाले जिले के 42 ठेकेदार प्रशासन के सामने अपनी हैसियत ही नहीं बता सके। पूर्व में जारी इनके प्रमाणपत्र को डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर निरस्त किया गया है। सरकारी काम करने वाले ठेकेदारों को अपना हैसियत प्रमाणपत्र देना होता है। इस प्रमाणपत्र से मालूम चलता है कि वो कितनी संपत्ति के मालिक हैं और जो काम उन्हें दिया जा रहा है वो करने की उनके पास लागत भी है या नहीं। जिले के 42 ठेकेदारों की डीएम दफ्तर में शिकायत हुई थी। डीएम ने एडीएम एफआर विनीता सिंह को जांच कराने का निर्देश दिया था। यह भी पढ़ें- हल्द्वानी में जमीनों की पैमाइशें एक साल से अटकीं, जांच के आदेश उन्होंने सभी तहसीलों में एसडीएम से रिपोर्ट तलब की तो यह सच सामने आया। तहसीलवार कार्रवाई में सबसे अधिक 13 हैसियत प्रमाणप...