प्रयागराज, अक्टूबर 1 -- Prayagraj News: प्रयागराज। पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के पितृपक्ष में देश-विदेश से लोग अर्पण-तर्पण के लिए संगमनगरी पहुंच रहे हैं। वहीं शहर के वृद्धाश्रमों में रह रहे बुजुर्ग अपनों का इंतजार कर रहे हैं। जिन बुजुर्गों ने अपने बच्चों के पालन-पोषण में जीवन लगा दिया, उन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव पर उन्हीं बच्चों ने भुला दिया। शहर के तीन वृद्धाश्रमों में एक साल के अंदर 23 बुजुर्गों की मौत हुई। इनमें 12 लोगों के शव परिजन लेने नहीं आए। 11 बुजुर्गों के शव परिवार वाले इसलिए लेने आए, ताकि बैंक में जमा धन व बीमा की राशि और जमीन-जायदाद का बंटवारा कर सकें। यह साबित करता है कि रिश्ते अब खून के नहीं, जरूरत के रह गए हैं। यह भी पढ़ें- अपनों से बेगानापन झेलने को मजबूर हमारे बुजुर्गपरिजनों ने कहा, अपने हिसाब...