प्रयागराज, जुलाई 18 -- Prayagraj News: मेजा तहसील के एक गांव में हैंडपंप रीबोर के लिए स्वीकृत सरकारी धन के कथित गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि आवेदक को बिना जानकारी दिए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने विभाग से जारी राशि निकाल ली और फर्जी अभिलेख तैयार कर धनराशि का उपयोग दर्शा दिया। मामले की शिकायत सीडीओ से होने के बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मेजा तहसील निवासी राम अयोध्या कुशवाहा ने अपने क्षेत्र में खराब पड़े हैंडपंप के रीबोर के लिए पंचायत विभाग में आवेदन किया था। इस पर पंचायती राज विभाग ने रीबोर कार्य के लिए लगभग एक लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर जारी कर दी। आरोप है कि इसकी जानकारी न तो आवेदक को दी गई और न ही मौके पर रीबोर का कार्य कराया गया। पीड़ित का कहना है कि वह लंबे समय तक हैंडपंप रीबोर होने का इंतजार करता रहा, लेकिन जब काम श...