प्रयागराज, अक्टूबर 25 -- Prayagraj News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि बिना किसी छल-कपट या मिथ्या कथन के गलत वेतन निर्धारण के कारण अधिक भुगतान हुई राशि की वसूली सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी और पेंशन से नहीं की जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि वेतन का पुनर्निर्धारण कर पेंशन घटाना भी अवैध है, पेंशन अंतिम आहरित वेतन पर ही तय होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने हेड कांस्टेबल हीरा प्रसाद की याचिका पर अधिवक्ता ब्रह्म नारायण सिंह राठौर को सुनकर दिया है। याची 26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर में हेड कांस्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हुआ। इसके बाद कमांडेंट ने याची का वेतन 60,400 रुपये के स्थान पर 56,900 रुपये पुनर्निर्धारण कर दिया और अधिक भुगतान का हवाला देकर ग्रेच्युटी से 44,475 रुपये और राशिकरण से 4,76,217 रुपये की वसूली कर ली। को...