प्रयागराज, अक्टूबर 22 -- Prayagraj News: प्रयागराज। खेतों में फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक मिट्टी में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। इनके अवशेष मिट्टी की सेहत और उसमें मौजूद लाभकारी जीवों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक मिट्टी में मौजूद ऐसे सूक्ष्म जीवों की पहचान करेंगे, जो कीटनाशकों के हानिकारक अवशेषों को प्राकृतिक तरीके से नष्ट करने में मदद कर सकते हैं। इससे भविष्य में खेती की जमीन को प्रदूषण से बचाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने का रास्ता खुल सकता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में इस विषय पर शोध किया जाएगा। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से स्वीकृत इस शोध परियोजना की जिम्मेदारी डॉ. अश्वनी कुमार को सौंपी गई है। डॉ. वैभव श्रीवास्तव सह-...