प्रयागराज, अक्टूबर 10 -- Prayagraj News: प्रयागराज, संवाददाता। पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से शनिवार को कर्णघोड़ा जुलूस निकाला गया। गाजे-बाजे व ध्वज-पताका के साथ उत्साह से निकाली गई शोभा यात्रा में आस्था, परंपरा और भव्यता का संगम दिखा। मान्यता के अनुसार स्वर्गलोक में कान लगा कर रामकथा सुनने के बाद कर्ण घोड़ा पृथ्वीलोक पर आकर लोगों को कथा सुनने का संदेश देने निकला। कर्णघोड़ा शोभायात्रा के बाद से दशहरा उत्सव का शंखनाद भी माना जाता है। यह भी पढ़ें- Prayagraj News: मानस रामलीला समिति ने निकाली भव्य कर्ण घोड़ा शोभायात्राकर्णघोड़ा शोभायात्रा का महत्व शोभायात्रा की शुरुआत चमेलीबाई धर्मशाला में पदाधिकारियों की ओर से विधि-विधान से आरती-पूजन से हुई। शोभायात्रा कोठापार्चा, बताशा मंडी, लोकनाथ, कोतवाली, ठठेरी बाजार, जानसेनगंज, हीवेट रोड होते हुए चमेली...