नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- वैशाख माह का आखिरी प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि मंगलवार के साथ जुड़ रही है, जिसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह दुर्लभ संयोग भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने और जीवन के कई संकटों से मुक्ति पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। भौम प्रदोष पर शिव पूजा के साथ हनुमान जी की आराधना भी की जाती है, जो कर्ज, रोग और मंगल दोष निवारण में अत्यंत प्रभावी होती है।भौम प्रदोष व्रत की सही तिथि और मुहूर्त वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल 2026 को शाम 6:51 बजे शुरू होगी और 29 अप्रैल को शाम 7:51 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, व्रत 28 अप्रैल, मंगलवार को ही रखा जाएगा। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास का समय होता है, जिसमें शिव पूजा का सर्वाधिक महत्व है। इस बार का भौम प्रदोष व्रत क...