नई दिल्ली, मार्च 1 -- प्रदोष व्रत आज यानी 1 मार्च को रखा जाएगा। यह प्रदोष व्रत रविवार के दिन है, तो इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। साथ ही लोग इस दिन व्रत रखते हैं। मान्यता है कि यदि रवि प्रदोष व्रत रखकर पूरे मन से पूजा-अर्चना की जाए, तो पूरे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक प्रदोष व्रत की पूजा शाम में यानी प्रदोष काल में करना बेहद शुभ माना जाता है। प्रदोष का अर्थ है सूर्यास्त के बाद का समय। यही वह शुभ काल होता है जब भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। चलिए जानते हैं कि प्रदोष व्रत की पूजा शाम में किस विधि से करनी चाहिए। रवि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्तत्रयोदशी तिथि 28 फरवर...
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