नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत पवित्र और शुभ फल देने वाला माना गया है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। प्रदोष व्रत हर माह में दो बार, त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भक्त सुबह से उपवास रखते हैं और संध्या काल यानी प्रदोष काल में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। शिव परिवार की विधिपूर्वक पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में की गई पूजा का विशेष महत्व होता है और इसका फल कई गुना अधिक मिलता है। चलिए जानते हैं कि अप्रैल माह में प्रदोष व्रत कब-कब पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- वैशाख माह में तुलसी से जर...