मुजफ्फरबाद, जुलाई 8 -- पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर वैश्विक मंचों पर खुद को एक 'पॉवर ब्रोकर' और देश को निवेश के लिए सुरक्षित बताने में लगे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जुलाई 2026 तक आते-आते पाकिस्तान कई मोर्चों पर एक साथ सुलग रहा है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बड़े पैमाने पर जन-विद्रोह भड़क उठा है, बलूचिस्तान में विद्रोह अपने चरम पर है और खैबर पख्तूनख्वा (KP) में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।पीओके में बगावत और खूनी संघर्ष पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में महंगाई, खाने का संकट और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर अवाम का गुस्सा अब पूरी तरह बेकाबू हो चुका है। 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों ने स्थानीय सरकार ...