नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने अपनी आने वाली पुस्तक 'विदाउट फियर ऑफ फेवर' में पूर्व CJI डी याई चंद्रचूड़ को लेकर किए गए दावों के बाद अब कहा है कि धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) मामले में फैसला सुनाने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि उन पर कोई दबाव नहीं था और वे सिर्फ मामले को जल्दी खत्म करना चाहते थे। गौरतलब है कि जस्टिस कौल की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने नवंबर 2023 में पीएमएलए में किए गए संशोधनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था। एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में जब जस्टिस कौल से पूछा गया कि क्या पीएमएलए मामले के दौरान उन पर किसी तरह का कोई दबाव था, तो उन्होंने कहा 'नहीं, मुझ पर कोई दबाव नहीं था। बस मामला इतना ज्यादा लटक गया था कि मैं...