नई दिल्ली, फरवरी 26 -- भारत ने आम बजट में ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई भी राशि आवंटित नहीं की थी। अब इस मुद्दे को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कदम को दिल्ली और तेहरान दोनों के लिए ही निराशाजनक बताया है। पिछले वर्ष के बजट में ईरान में बंदरगाह परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।ईरान परेशान इंडिया टुडे से बातचीत में अराघची ने कहा, 'खैर, मुझे लगता है कि यह भारत और ईरान दोनों के लिए ही निराशा की बात है।' उन्होंने कहा, 'एक बार प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि चाबहार गोल्डन गेट है, जो हिंद महासागर क्षेत्र को मध्य एशिया, कॉकेसस और फिर यूरोप से जोड़ता है। यह बहुत ही रणनीतिक बंदरगाह है। अगर इसे पूरी तरह विकसित किया जाता है, तो यह भारत को ईरान के जरिए मध्य एशिया, कॉकेसस और फिर यू...
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