पीलीभीत, अक्टूबर 21 -- कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिकों की कमी Pilibhit News: पीलीभीत। तराई में खेती किसानी को नया आयाम देने के लिए वर्षों पहले राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किया गया था, जहां पर विभिन्न फसलों से संबंधित कृषि वैज्ञानिकों की तैनाती की गई थी। समय के साथ वैज्ञानिकों की संख्या में लगातार कमी होती गई। इससे किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती करने की जानकारी नहीं मिल पा रही है। वर्तमान समय में सिर्फ तीन कृषि वैज्ञानिकों के सहारे काम चलाया जा रहा है। इस दिशा में विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे पा रहे हैँ। हिमालय की तलहटी वाले जनपद में प्रमुखत: धान, गन्ना और गेहूं की खेती की जाती है। पिछले कुछ वर्षों से किसान सह फसली लेने लगे हैं, जिससे वह आर्थिक रूप से समृद्धशाली बन रहे हैं। जैविक की ओर किसानों का रुख हुआ है। खेती किसानी क...