पीलीभीत, अक्टूबर 6 -- Pilibhit News: पीलीभीत। साहूकारा स्थित श्रीराधा रमन मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि भगवान का स्वभाव है कि वह अपनी शरण में आए हुए व्यक्ति के दोष नहीं देखते। यदि भगवान भी गुण और दोष देखकर उद्धार करते तब तो किसी का उद्धार ना हो पाता। कथा में बताया कि भगवान तो अपनी कृपा के द्वारा उद्धार करते हैं। इसीलिए चित्रकूट में जब प्रभु राम ने भरतजी की प्रशंसा की तो भरत जी ने यही कहा की प्रभु आप जो प्रशंसा कर रहे हैं वह मेरी विशेषता नहीं, वरन आपकी आंखों की विशेषता है। आपकी आंखों में सारी सामर्थ्य है। पर दूसरों के दोष देखने की सामर्थ्य नहीं है। अन्यथा भरत में तो दोष ही दोष भरे हैं। अगर आपको गुण दिखाई दे रहे हैं। तो यह भारत की नहीं आपकी आंखों की विशेषता है। यह भी पढ़ें- Ara News: अत्याचार...