पीलीभीत, अगस्त 31 -- Pilibhit News: पीलीभीत। हजारा क्षेत्र के ग्रामीण बरसों से दो जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था के बीच फंसे हुए हैं। क्षेत्र पीलीभीत जिले का हिस्सा है, लेकिन वन्यजीवों से जुड़े मामलों में कार्रवाई खीरी वन प्रभाग से होती है। ऐसे में ग्रामीणों को अपनी ही समस्याओं के समाधान के लिए कभी पीलीभीत तो कभी खीरी वन प्रभाग के अधिकारियों की ओर मुंह तांकना पड़ता है। वन्यजीवों के हमले, फसल नुकसान और जंगल से जुड़ी घटनाओं के समय यह दोहरी व्यवस्था ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। हजारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें पीलीभीत के अधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है, जबकि जंगल और वन्यजीवों से जुड़ी किसी घटना के बाद खीरी वन प्रभाग की ...