Pilibhit News: खेत, बाग और गांव की सीमाओं तक बढ़ा तेंदुए का दायरा
पीलीभीत, अगस्त 22 -- Pilibhit News: पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की पहचान भले ही बाघों के सुरक्षित बसेरे के रूप में है। पर तराई के जंगलों में तेंदुओं की मौजूदगी भी लगातार है। तेंदुए घने जंगलों तक सीमित रहने के बजाय गन्ने के खेतों, आम के बागों, झाड़ियों और गांवों की सीमाओं के आसपास भी ठिकाना बना रहे हैं। वन क्षेत्र से सटी रिहायशी बस्ती के आसपास बढ़ती आवाजाही मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की नई चुनौती सामने ला रही है। तेंदुआ बेहद सतर्क, चतुर और अनुकूलनशील शिकारी माना जाता है। परिस्थितियों के अनुसार वह ठिकाना बदलने में सक्षम है। दिन में घनी झाड़ियों, गन्ने या बागों में छिपने के बाद रात में शिकार और आवाजाही करता है। यही वजह है कि आबादी के नजदीक उसकी गतिविधियों का जल्द पता नहीं चल पाता। इधर तेंदुआ की आवाजाही जिले के कई गांवों के पास देखी जा रही है...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.