पीलीभीत, सितम्बर 26 -- Pilibhit News: पूरनपुर। खेती पर निर्भर अन्नदाता अभी तक आवारा गोवंश पशुओं से परेशान थे। आबादी क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए उनकी जान के लिए खतरा बन गए हैं। किसानों ने रात में की जाने वाली फसलों की रखवाली दहशत के चलते छोड़ दी है। वह दिन में भी खेत पर काम करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इससे खेती बाड़ी का काम प्रभावित होने लगा है। किसानों के सामने फसलों के साथ अपनी जान बचाना भी बड़ी चुनौती बन गई है।

तेंदुओं का आतंक पीलीभीत जनपद में लगभग 450 एकड़ जंगल क्षेत्र है। वर्ष 2014 में इन जंगलों को बाघ संरक्षण के लिए आरक्षित किया गया है। बाघ ही नहीं इन जंगलों में रहने वाले अन्य वन्य जीव, सरीसृप और चिड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व पर है। संरक्षण के बाद जंगलों में बाघ के अलावा तेंदुओं की संख्या में भी ब...