पीलीभीत, अगस्त 20 -- Pilibhit News: पीलीभीत। दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने के नाम पर हुए मानसिक उत्पीड़न के चलते युवक नरेंद्र कुमार को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने सात आरोपियों को दोषी पाते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। यह भी पढ़ें- Bhabua News: नाबालिंग का अपहरण कर सामुहिक दुर्ष्कम में चार आरोपितो को उम्रकैदप्रकरण का विवरण अभियोजन के मुताबिक थाना न्यूरिया क्षेत्र के गांव भोरियाई निवासी सेवाराम ने 12 अक्तूबर 2022 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके बेटे नरेंद्र पाल को आरोपी आशा देवी व उसके परिवार के लोगों ने दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाकर मानसिक रूप से लगातार परेशान किया। इससे क्षुब्ध होकर नरेंद्र ने आत्महत्या कर ली। जा...