अनिकेत यादव, जुलाई 29 -- एमएनएनआईटी यानि मोतीलाल नेहरू एनआईटीने अनुशासनहीनता के एक मामले में पीएचडी शोधार्थी के खिलाफ अनूठी सुधारात्मक कार्रवाई की है। संस्थान के चीफ प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार शोधार्थी को छह माह तक नियमित रूप से योग कक्षाओं में भाग लेना होगा। इसके साथ ही उसे अपनी उपस्थिति की रिपोर्ट समय-समय पर चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। संस्थान का मानना है कि योग के माध्यम से अनुशासन, आत्मसंयम और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा दिया जा सकता है। संबंधित पीएचडी छात्र के खिलाफ संस्थान की इंटरनल कम्प्लेन कमेटी (आईसीसी) में शिकायत मिली थी। मामले की जांच और संबंधित पक्षों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर चीफ प्रॉक्टर कार्यालय ने कार्रवाई का निर्णय लिया। संस्थान ने इसे केवल दंडात्मक नहीं बल्कि सुधारात्मक कदम के रू...