नई दिल्ली, अप्रैल 3 -- लखनऊ यूनिवर्सिटी में इस वर्ष जनवरी और फरवरी माह में पीएचडी की जो थीसिस जमा की गईं, उनमें 95 फीसदी से ज्यादा थीसिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल पाया गया है। साथ ही उनमें साहित्यिक चोरी (प्लेगिएरिज्म - Plagiarism) भी पकड़ी गई है। इस चोरी को ड्रिलबिट ( DrillBit) नाम के सॉफ्टवेयर ने पकड़ा है जो कहीं से कॉपी किए गए कंटेंट और एआई की मदद से लिखे गए कंटेंट को पकड़ने के लिए बनाया गया एक टूल है। टैगोर लाइब्रेरी से मिले डेटा के मुताबिक जमा हुई 121 थीसिस में से 116 में पिछली रिसर्च से समानताएं मिलीं, जिससे पता चलता है कि उन्हें लिखने के लिए एआई से बने कंटेंट का इस्तेमाल किया गया था। ये समानताएं इसलिए पकड़ी गईं क्योंकि एआई चैटबॉट के डेटाबेस पहले से मौजूद टेक्स्ट और दुनिया भर में पहले से की गई रिसर्च के आधार पर तै...