पटना, जुलाई 8 -- बिहार में स्नातक उत्तीर्ण पात्र छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश मिलेगा। इसके तहत 7.5 सीजीपीए या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वालों को यह सुविधा मिलेगी। ऐसे छात्र-छात्रा एक वर्षीय मास्टर डिग्री के बिना भी सीधे पीएचडी में प्रवेश के पात्र होंगे। बिहार लोक भवन ने बिहार स्टेट यूनिवर्सिटीज पीएचडी ऑर्डिनेंस एंड रेगुलेशंस, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वर्ष 2017 के पुराने पीएचडी नियम समाप्त हो गए हैं। राज्य के विश्वविद्यालयों में पीएचडी की पढ़ाई अब नए नियमों के तहत होगी। तीन वर्षीय स्नातक करने वालों को दो वर्षीय स्नातकोत्तर या चार वर्षीय स्नातक के बाद एक वर्षीय मास्टर डिग्री पूरी करनी होगी।क्या होगी पात्रता सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 55% अंक तथा आरक्षित वर्गों को यूजीसी नियमों के अनुसार छूट मिलेगी। नई पीएचडी विनियमावली को...