कार्यालय संवाददाता, अप्रैल 10 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने पीएचडी की पढ़ाई और शोध प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम ढांचा लागू किया है। खासतौर पर ये नए नियम उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो नौकरी या किसी व्यवसाय के साथ पीएचडी करना चाहते हैं। पार्ट टाइम पीएचडी के लिए कम से कम छह माह तक नियमित कक्षाओं, कोर्सवर्क और शोध गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे शोधार्थियों की अकादमिक तैयारी मजबूत होगी और वे अपने विषय को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।नौकरीपेशा अब सीधे पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश नहीं ले सकेंगे नौकरीपेशा अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि वे अब सीधे पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। पहले उन्हें फुल टाइम मोड में पीएचडी कोर्सवर्क सफलतापूर्वक पू...
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