नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारी अपना पुराना EPF बैलेंस निकाल लेते हैं और मान लेते हैं कि पुराने PF अकाउंट से जुड़ा काम भी पूरा हो गया। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। एम्प्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) का सर्विस रिकॉर्ड अलग तरह से ट्रैक होता है। अगर नौकरी बदलने के बाद पुरानी नौकरी की पेन्शनेबल सर्विस नए रिकॉर्ड से लिंक नहीं हुई है, तो भविष्य में पेंशन बेनेफिट्स पर असर पड़ सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। यह भी पढ़ें- क्या कटकर आएगी सितंबर की सैलरी? EPFO के नए नियम से समझें PF कटौती का हिसाबEPF और EPS में क्या अंतर है? EPF और EPS एक ही सोशल सिक्योरिटी सिस्टम (Social Security System) का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है। EPF में जमा रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज कर्मचारी के रिटायरमेंट कॉर्पस (Retirement...