नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- नौकरीपेशा लोग कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की अहमियत के बारे में बखूबी जानते हैं। EPF अकाउंट में कंपनी और कर्मचारी, दोनों का नियमित योगदान समय के साथ जमा होता रहता है और इस पर हर साल ब्याज भी जुड़ता है। EPF पर सालाना 8.25% की दर से ब्याज मिलता है, जो पूरे देश में 7 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स पर लागू होता है। हालांकि, अगर कर्मचारी अपने योगदान को बढ़ा दें तो करीब तीन दशक बाद 80 लाख रुपये की रकम का इंतजाम हो जाएगा। आइए समझते हैं पूरा गणित।कितना होता है योगदान? ज्यादा कर्मचारी हर महीने अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12% हिस्सा (अधिकतम Rs.15,000 की सीमा तक) EPF में जमा करते हैं। नियोक्ता भी अपनी तरफ से 12% का बराबर योगदान देता है। नियाक्ता की ओर से दी गई रकम में से 3.67% हिस्सा EPF खाते में जमा होता है जबकि ब...