नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- Paush Amavasya 2025: हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के हिसाब से ये पौष महीने की अमावस्या तिथि पर पड़ती है। ये दिसंबर-जनवरी के बीच पड़ता है। ऐसे में इस दौरान कड़ाके की ठंड पड़ रही होती है और इसी वजह से इस दौरान किए गए दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस महीने में स्नान और दान करने की पुरानी परंपरा है। हर साल पड़ने वाली ये अमावस्या तिथि के हिसाब से बदलती रहती है। बता दें कि विशेष रूप से ये पितरों को समर्पित होता है। पौष अमावस्या पर किया गया दान पितरों के नाम से ही किया जाना चाहिए। हिंदू धर्म शास्त्रों की मानें तो अमावस्या पर पितर अपने वंशजों के बहुत ही करीब आते हैं और उनकी दान-दक्षिणा को ग्रहण करके अपना आशीर्वाद देते हैं। माना जाता है कि इस महीने में किए गए उपायों से पितृ दोष खत्म हो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.