पटना, अक्टूबर 30 -- Patna News: नियोजित शिक्षकों के नियोजन में खिलवाड़ करने और पांच वर्षों से उनसे काम लिए जाने के बावजूद वेतन नहीं देने पर पटना हाईकोर्ट ने हैरानी जताते हुए लखीसराय जिले के डीपीओ को तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने लखीसराय के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को 4 नवंबर को सशरीर कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तरन्नुम शीरी और शाइस्ता अंजुम की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट को बताया गया कि दोनों शिक्षकों का नियोजन पंचायत प्राथमिक शिक्षक, निचली मुस्लिम टोला प्राइमरी स्कूल, उरैन में 4 जनवरी 2011 को हुई थी। नियुक्ति के कुछ माह बाद बगैर कोई कारण बताये नियुक्ति रद्द कर दी गई। करीब 10 साल की लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद 2021 म...