नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- हिंदू धर्म में भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव का विशेष महत्व है। इस साल परशुराम जन्मोत्सव की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है। कोई 19 अप्रैल बता रहा है तो कोई 20 अप्रैल। हिंदू पंचांग के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था। इसी तिथि को अक्षय तृतीया भी कहा जाता है। लेकिन एक बात यहां ध्यान देने वाली है कि भगवान परशुराम का जन्म संध्या काल यानी प्रदोष काल में हुआ था। इस बार तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में परशुराम जयंती 19 अप्रैल को ही मनाई जाएगी, क्योंकि प्रदोष काल उसी दिन पड़ रहा है।पूजा का शुभ समय अगर पूजा के मुहूर्त की बात करें तो 19 अप्रैल की शाम को ही सबसे अच्छा समय माना गय...
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