नई दिल्ली, जुलाई 23 -- काल चक्र की कुंडली में राहु-केतु का असर आपने सुना होगा, लेकिन क्या आपकी हस्तरेखा के जरिए भी राहु केतु के कारण होता है। सूर्य और शनि पर्वत के नीचे राहु पर्वत होता और इसके नीचे का हिस्सा केतु होता है। हथेली में मस्तिष्क रेखा से नीचे चन्द्र,मंगल, तथा शुक्र से घिरा हुआ जो भूभाग होता है वह राहु क्षेत्र कहलाता है। आपको बता दें कि भाग्य रेखा इसी पर्वत पर से होकर शनि पर्वत की ओर जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आपका राहु अच्छा है तो व्यक्ति बहुत भाग्यवान होता है। हथेली पर अगर राहु का भाग पुष्ट एवं उन्नत हो तो ऐसा व्यक्ति के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा अगर इस जगह पर भाग्य रेखा स्पष्टऔर गहरी होकर भागे बढ़ती है तो वह व्यक्ति जीवन में परोपकारी प्रतिभावान धार्मिक तथा सभी प्रकार से सुख भोगने वाला होता है। यहां आप जानेंगे कि कैसा...