पलामू, सितम्बर 26 -- Palamu News: मेदिनीनगर, संवाददाता। पलामू में कभी जीवनदायिनी रही छोटी-बड़ी नदियों पर अतिक्रमण, अनियंत्रित बालू उठाव, गाद और जलस्रोतों की उपेक्षा का असर अब दिखने लगा है। दुर्गावती, गुरुसूती, मलय, बटाने, बतरे, सदाबह, जिंजोई, बलाही, बांकी, तहले, पीरी, कासीसोत, खूंटीसोत जैसी नदियों के साथ-साथ कोयल व अमानत नदी पर भी बढ़ता दबाव चिंता का विषय है। कई नदियों का अस्तित्व समाप्त होता दिखने लगा है। नदियों और जलस्रोतों के कमजोर होने का सीधा असर भूजल स्तर, सिंचाई और पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। मेदिनीनगर शहर की प्रमुख जलापूर्ति व्यवस्था कोयल नदी पर निर्भर है। गर्मी के दिनों में नदी का जलस्तर कम होने से जलापूर्ति प्रभावित होने की स्थिति पहले भी सामने आती रही है। कोयल, अमानत और औरंगा समेत कई नदियों में जलस्तर घटने तथा छोटे नदी-नालों ...