पाकुड़, जुलाई 2 -- Pakur News: हिरणपुर, एक संवाददाता। हाथकाठी स्थित सामुदायिक अस्पताल का अधूरा भवन सरकारी उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। करीब दो दशक पहले जिस अस्पताल से क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद जगी थी, वह आज भी अधूरा पड़ा है। नतीजा यह है कि गंभीर मरीजों को आज भी बेहतर इलाज के लिए दुमका, रांची और पश्चिम बंगाल के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। एक वर्ष पहले तत्कालीन उपायुक्त मनीष कुमार ने अधूरे अस्पताल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य को पूरा कराने का भरोसा दिलाया था। निरीक्षण के बाद डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी भी गई। लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिल सकी। इससे क्षेत्रवासियों की उम्मीदें एक बार फिर अधर में लटक गई हैं। जानकारी के अनुसार अस्पताल भवन का निर्माण वर्ष 2006-07 में ग्रामीण कार्य विभाग पाकुड़ द्वारा लग...