पाकुड़, अक्टूबर 6 -- Pakur News: प्रखंड क्षेत्र में दुर्गापूजा को लेकर बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है। 11 अक्टूबर से नवरात्र शुरू हो जाएगा। लोग घरों में कलश स्थापना की तैयारी में जुटे हैं। वहीं विभिन्न पूजा स्थलों पर मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने के साथ पंडाल निर्माण का कार्य भी जोर-शोर से चल रहा है। पूजा को लेकर साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बाजार के बीचों-बीच स्थित शील दुर्गा मंदिर की बात करें तो यह क्षेत्र के प्राचीन दुर्गा मंदिरों में शामिल है। करीब 153 वर्षों से यह मंदिर लोगों के बीच अटूट आस्था और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। जानकारी के अनुसार इस मंदिर में करीब 153 वर्ष पूर्व स्व. हीरालाल शील और उनकी पत्नी स्व. सुंदरीवाला दासी शील ने सर्वप्रथम मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू की थी। उस समय मंदिर मिट्टी का हुआ करता...