पाकुड़, सितम्बर 22 -- Pakur News: प्रकृति, कृषि और भाई-बहन के प्रेम का प्रमुख लोक पर्व करमा मंगलवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (पद्मा एकादशी) को प्रखंड क्षेत्र के पाथरचाली, हाथीमारा, दुमदुमी, बलियापतरा, कैराछत्तर सहित विभिन्न गांव में भाई की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और रक्षा की कामना के साथ धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शक्ति और युवावस्था के प्रति करम देवता (करम वृक्ष की डाली) की विशेष पूजा की गई। यह भी पढ़ें- Latehar News: भाईयों के दीर्घायु व सलामती तथा धरती की हरियाली के लिए बहनों ने श्रद्धा से की करम डाल की पूजाकरमा पूजा का महत्व पूजा से 07-09 पहले रेत या मिट्टी में सात प्रकार के बोए गए अनाज, जो अंकुरित हो गए थे और जिसे जावा कहा जाता है, उसे करम डाली के पास रखकर बहनों ने निर्जल उपवास रखकर पूजा-अर्चना की।...