पाकुड़, अक्टूबर 9 -- Pakur News: आदिम जनजाति पहाड़िया के सर्वांगीण विकास, उनकी संस्कृति के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यशाला का रविन्द्र भवन टाउन हॉल में आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओ और समुदाय के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ​डीडीसी अरविन्द कुमार लाल ने कहा कि झारखंड राज्य में संरक्षित आदिम जनजाति पहाड़िया की आबादी सर्वाधिक है। खासतौर पर अमड़ापाड़ा, और लिट्टीपाड़ा क्षेत्रों में ये लोग निवास करते हैं। इनकी संस्कृति को अक्षुण्ण रखते हुए इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जनसंख्या और चुनौतियों पर चिंता ​कार्यशाला में यह बात सामने आई कि पिछले लगभग 100 वर्षों में पहाड़िया जनजाति की जनसंख्या में अपेक्षित वृद्धि न...