पाकुड़, अक्टूबर 2 -- Pakur News: महेशपुर, एक संवाददाता। प्रखंड के हाथीमारा गांव निवासी साहिब मरांडी के घर से करीब 5.5 फीट लंबा और लगभग 32 से 33 वर्ष पुराना विशाल मोनोकल्ड कोबरा (घोंघमन) का वनकर्मी अशराफुल शेख द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह बहुत ही दुर्लभ प्रजाति का होता है, इसके फन के पीछे गोल चकत्ते वाला निशान होता है। यह कोबरा इस क्षेत्र में बेहद दुर्लभ व काफी कम दिखाई देने वाला जहरीला सांप है। वनकर्मी अशराफुल शेख ने बताया कि मोनोकल्ड कोबरा का न्यूरोटॉक्सिक जहर काफी घातक है जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर असर करता है। इसके काटने में मांसपेशियों में लकवा व सांस लेने में रूकावट आती है। यह भी पढ़ें- Pakur News: बाजारपाड़ा में निकला कोबरा, मची अफरा-तफरी इसका एक मात्र सही इलाज एंटी वेनम इंजेक्शन है। अत्यंत जहरीले व दुर्लभ मोनोकल्ड कोबरा के न...