पाकुड़, अक्टूबर 24 -- Pakur News: पाकुड़, कुंदन गोस्वामी। जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उन हाथों में कचरे की बोरियां हैं। जिस उम्र में बच्चों को स्कूल में पढ़ना, खेलना और अपने भविष्य के सपने बुनने चाहिए, उस उम्र में वे शहर की गलियों, कचरे के ढेरों और गंदगी के बीच जिंदगी तलाश रहे हैं। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि कचरा बीनने वाले कुछ बच्चों को नशे की गिरफ्त में धकेले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्चों को नशे का आदी बनाकर उनसे कचरा और यहां तक कि हड्डियां तक चुनवाई जाती हैं। पाकुड़ में बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही संस्था जन लोक कल्याण परिषद व जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन की ओर से रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसलिंग के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। संस्था की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब तक संस्था ने वर...