उरई, जुलाई 10 -- Orai News: उरई, संवाददाता। सर, निरक्षर होने की वजह से बच्चे मुझ पर हंसते हैं। इसलिए पढ़ने के लिए मेरा भी स्कूल में दाखिला करा दीजिएगा। इससे वह भी पढ़ लिखकर समाज व अपनी पीढ़ी के लिए कुछ कर सकें। शारीरिक कद छोटा व पढ़ा लिखा न होने से उसे अपने आप में बहुत पिछड़ा हुआ महसूस करता है। यह शब्द दिव्यांग जीतू के थे, जो परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से आज तक स्कूल नहीं जा पाया। आज पढ़ने की ललक जागी तो कलक्टे्रट में ज्वाइंट मजिस्टे्रट रिंकू सिंह से मिलने पहुंच गया। हालांकि जीतू की यह पीड़ा सुनकर उन्होंने दाखिला कराने का भरोसा दिलाया है। शहर के मोहल्ला उमरारखेरा के रहने वाले जीतू दिव्यांग है। छोटे कद के जीतू की उम्र 19 साल हो चुकी हैं, पर आज तक उन्होंने स्कूल पढ़ना तो दूर की बात, उसकी चौखट तक पार नहीं की। माता, पिता ने जब कभी क...